अल्मोड़ा-आज जारी एक बयान में पूर्व संसदीय सचिव एवं अल्मोड़ा के पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने अल्मोड़ा जिले सहित पूरे प्रदेश में बारिश ना होने से पड़ रहे सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार पूरे उत्तराखंड को सूखाग्रस्त घोषित करे तथा राहत पैकेज दे।उन्होंने कहा कि आज पूरा उत्तराखंड वर्षा ना होने से सूखे की मार झेल रहा है।वर्षा के अभाव में प्राकृतिक स्त्रोत भी जल संकट झेल रहे हैं।बारिश ना होने से किसानों के ऊपर भी भारी संकट आ गया है तथा खेती भी सूख रही है।श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए एक व्यापक रणनीति बनानी चाहिए तथा पूरे प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित कर आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए जिससे कि उन किसानों को जिनकी आजीविका केवल कृषि से चलती है राहत मिल सके।श्री तिवारी ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार को पहले से ही इस विषय पर मनन कर लेना चाहिए था तथा अभी तक किसानों के लिए आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा कर देनी चाहिए थी।परन्तु अभी तक इस विषय पर प्रदेश सरकार द्वारा कोई कार्यवाही ना करना साफ प्रदर्शित करता है कि प्रदेश सरकार प्रदेश की जनता एवं किसानों के लिए कितनी गंभीर है?उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जंगल धू धू करके जल रहे हैं और प्रदेश सरकार का तंत्र जंगलों में लगी इस आग तक को बुझाने में पूरी तरह नाकाम सिद्व रहा है।श्री तिवारी ने कहा कि कुछ दिन पूर्व समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ था कि उत्तराखंड के जंगलों की आग बुझाने के लिए केन्द्र से दो हैलीकॉप्टर आयेंगे जो आये भी।परन्तु मात्र दो दिन में वे हैलीकॉप्टर वापस लौट गये और उत्तराखंड के जंगल अभी भी धू धू करके जल रहे हैं।इन जंगलों में लगी आग से एक ओर जहां मूक जानवर अपनी जान गवां रहे हैं वहीं दूसरी ओर जंगलों एवं कृषि के साथ ही धुंए से लोगों को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि इस आग से जहां एक ओर हमारी प्राकृतिक सम्पदा खाक हो रही है वहीं वातावरण भी गर्मी के इस मौसम में दूषित हो रहा है।श्री तिवारी ने स्पष्ट रूप से प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार अब बिना समय गवाये सम्पूर्ण उत्तराखंड राज्य को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज की घोषणा करे तथा जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए समुचित कदम उठाए।
