अल्मोड़ा-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के वर्ष 2008 से 2023 तक सचिव रहे तथा फैडरेशन में भी मंडलीय अध्यक्ष पद रह रहे,उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष,फैडरेशन प्रदेश उपाध्यक्ष रहे व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी भैंसियाछाना धीरेन्द्र कुमार पाठक ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि कार्मिकों के ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिए प्रांतीय महामंत्री के पद पर उनकी दावेदारी रहेगी।उन्होंने कहा कि बीते 32 वर्ष से कार्मिकों की समस्या के समाधान के लिए शासन व सरकार से संघर्षरत है और आगे भी रहेंगे। उन्होंने 32 सूत्रीय विजन जारी किया है।अधिवेशन 29 अक्टूबर को देहरादून में होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्टाफिंग पैटर्न में से प्रधान सहायक व प्रशासनिक अधिकारी को आमेलित करते हुए प्रशासनिक अधिकारी व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के बाद प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी लेवल 11 को हर हाल सृजित किया जायेगा।इसकी मात्रा व प्रतिशत सहयोगी संगठनों से राय शुमारी से तय किया जायेगा और कनिष्ठ सहायक वेतनमान में सुधार के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। वर्तमान परिदृश्य में ग्रेड पे 2800 पुराना वेतनमान होना जरूरी है।हर कार्मिक को नियुक्ति के बाद अनिवार्य रूप से विभागीय प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।पदोन्नति के बाद भी प्रशिक्षण जरूरी हो गया है इस पर भी कार्यवाही होगी।फारगो नियमावली विसंगति निराकरण किया जायेगा जो सदस्य अपनी पदोन्नति पर नहीं जाना चाहते हैं या पारिवारिक कारणों से सक्षम नहीं है उनके स्थान पर उसी सूची में से सूची के अनुसार सदस्यों को उसी भर्ती वर्ष में पदोन्नति कर दिया जायेगा।वर्तमान व्यवस्था में एक वर्ष का समय लग रहा है इससे सदस्यों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिलेगा तथा जो सदस्य पदोन्नति पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सकते हैं उन्हें पूर्व की भांति एक भर्ती वर्ष बाद पदोन्नत किया जायेगा।किसी को पदोन्नति को बाधित करना मानवाधिकार व प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है।पुरानी पेंशन हेतु आंदोलन में भागीदारी अनिवार्य होगी।शत प्रतिशत सदस्यों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जायेगा।विभिन्न विभागों में द्वितीय श्रेणी के राजपत्रित पदों पर भी मिनिस्टीरियल संवर्ग से कोटा निर्धारित करने हेतु मांग की जायेगी।शिक्षा विभाग में उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसी प्रकार अन्य विभागों में जहां सख्त जरूरत है वहां भी पद के सृजन के लिए औचित्य के साथ प्रस्ताव मुख्यमंत्री व शासन को भेजा जायेगा।कम समय में सूचना मांगे जाने का विरोध होगा कम से कम तीन दिन का समय दिया जाना जरूरी होगा।सभी सहयोगी संगठनों के साथ महीने में आनलाइन व दूसरे माह प्रत्येक जनपदवार आफलाइन बैठक होगी।इसमें लेकिन आदि किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगा। संगठनों से प्राप्त सभी शिकायतें को पंजिका बनाकर पंजीकरण किया जायेगा और उस पत्र पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया जायेगा।उत्पीड़न की दशा व 24 घंटे के भीतर किसी भी अधिकारी राज्य स्तर से जिला स्तर व आंदोलन की स्थिति में तीन दिन के भीतर किसी भी कार्यालय के सम्मुख धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जायेगा और आमरण अनशन करने से भी गुरेज नहीं किया जायेगा।जिम्मेदारी मिलते ही सभी विभागों को पत्र प्रेषित कर दिया जायेगा कि समस्या के समाधान में हीलाहवाली व उदासीनता अपनाने पर आंदोलन किया जाएगा ताकि विभाग एलर्ट मोड में रहे।सदस्यों की समस्यायों के लिए तत्पर रहेंगे और विभाग के संगठनों के माध्यम से ही समस्या का निराकरण किया जायेगा जो मामले शासन व सरकार के स्तर से होंगे हर दूसरे माह समीक्षा करते हुए निर्णायक कदम उठाए जायेंगे।कार्यालयों की दशा व दिशा बेहतर हो इसके लिए पर्याप्त बजट की सुविधा के लिए भी शासन सरकार से वार्ता होगी।सरकारी कार्यालयों के रंग रोगन व फर्नीचर केवल अधिकारी चैम्बर के अलावा प्रत्येक कक्ष में हो ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कार्य व उत्तरदायित्व शासन स्तर से अनिवार्य रूप से प्रख्यापित कराने व आहरण वितरण अधिकार हेतु धरना प्रदर्शन आंदोलन भी होगा।वर्तमान व्यवस्था अधिकारी स्तर पर डाक निर्गमन के अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को भी अनुभाग अधिकारी के रूप में मान्यता देते हुए सीधे मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के हस्ताक्षर से डाक व्यवस्था बने इस हेतु कार्यवाही होगी।कृते या द्वारा व्यवस्था के स्थान पर पूर्ण सक्षम अधिकारी घोषित करने के प्रयास होंगे ताकि राजकाज का शीध्र निस्तारण हो सकें।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को अपने अधीनस्थ सभी कार्मिकों के अवकाश स्वीकृत का अधिकार के लिए भी शासन सरकार को पत्र लिखा जायेगा।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को अपने कार्यालय के अधीन आने वाले समस्त कार्यालय के अभिलेख निरीक्षण का अधिकार हेतु कार्यवाही होगी ताकि उनके अनुभव का लाभ समस्त कार्मिकों को मिले।आई एफ एम एस प्रणाली के तहत सभी कार्मिकों को कोषागार द्वारा पर्याप्त प्रशिक्षण मिलें विभाग के अधिकारी से तालमेल करते हुए वित्त अधिकारी की उपस्थिति में प्रशिक्षण का दौर भी शुरू होगा ताकि शंकाओं का समाधान हो और त्वरित कार्रवाई हो।चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से तृतीय श्रेणी कर्मचारी में पदोन्नति पर अनिवार्य विभागीय प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा।एक बैठक की समाप्ति पर उसी दिन दूसरे बैठक की संभावित तिथि भी घोषित कर दी जाएगी ताकि आयोजन करने वाला जनपद अपनी तैयारी सुनिश्चित करें।गोपनीय आख्या जमा करने हेतु इसके और सरलीकरण पर कार्रवाई होगी।प्रत्येक विभाग में समयबद्ध पदोन्नति के लिए तैयारी सुनिश्चित की जायेगी।पदोन्नति के साथ साथ स्थानांतरण में भी अनिवार्य काउंसलिंग के लिए कार्य होगा ताकि अधिकारियों की मनमानी समाप्त हो।जो समस्या जिस स्तर की होगी उसे उसी स्तर पर निस्तारण किया जायेगा तथा जो अधिकारी तानाशाही प्रवृत्ति के होंगें उन्हीं को उन्हीं की भाषा में जबाब दिया जायेगा।हर जनपद में 20-30 ऐसे सदस्यों को तैयार किया जायेगा जो आंदोलन की स्थिति में 12 घंटे के भीतर एक्शन मोड में आ जायें।लोकतंत्र में आंदोलन जरूरी है और बिना आंदोलन के कुछ संभव नहीं है।बैठकों में सभी से लिखित सुझाव लिए जायेंगे और धरातल पर कार्य हो ऐसी नीति विकसित की जायेगी देहरादून उत्तराखंड नहीं है समस्त 13 जिलों को ताकतवर बनाया जायेगा।सभी को चिकित्सा प्रतिपूर्ति मिले इस हेतु भी निर्णायक कार्रवाई होगी गोल्डन कार्ड विसंगति निराकरण किया जायेगा।सभी विभागों में समन्वय करते हुए निर्णय लिए जायेंगे और विभाग वार भी समीक्षा होगी।स्थानांतरण नीति की समीक्षा होगी और सुगम से दुर्गम की भांति अनिवार्य स्थानांतरण दुर्गम से सुगम भी किया जायेगा वर्तमान में इसे अनुरोध के बाद धकेला गया है।सभी त्रुटिपूर्ण शासनादेशो की। समीक्षा होगी और उन्हें वार्ता के बाद तय समय के भीतर ठीक कराया जायेगा।सभी मिनिस्टीरियल कार्मिकों को कम से कम 20 लाख का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर मकान बनाने जमीन खरीदने या शिक्षा ऋण व हेतु मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जायेगा ताकि महंगाई के इस समय से राहत मिल सके और कार्मिक अपने दायित्वों को भी पूर्ण कर सकें।हर वास्तविक मांग व विचार के लिए हर सदस्य को मंच उपलब्ध कराया जायेगा।हर जनपदों में अनिवार्य रूप से बैठकों का दौर शुरू होगा और उन बैठकों का कार्यवृत्त भी मांगा जायेगा ताकि स्पष्ट हो सके कि बैठक हो रही है और संवाद कायम है।समस्त प्रकार की वित्तीय समस्या के समाधान व नवीन शासनादेश हेतु हर जनपद से विद्वान सदस्यों की समिति गठित होगी ताकि हर समस्या का समाधान हो।प्रांतीय महामंत्री प्रत्याशी धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि सदस्यों की समस्यायों के समाधान के लिए आमरण अनशन किया जायेगा।अधिकारियों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी समस्या लंबित रही तो निश्चित रूप से आंदोलन होगा।धीरेन्द्र कुमार पाठक प्रांतीय महामंत्री प्रत्याशी ने कहा कि सदस्यों द्वारा उन्हें सहयोग व मत प्रदान किया जाता है तो व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन किया जायेगा।हर माह वर्चुअल व दूसरे माह आफलाइन बैठक आयोजित होगी।
