अल्मोड़ा-कुमाऊँ की सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं का प्रतीक अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव इस वर्ष भी पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव समिति ने कार्यक्रम की भव्य रूपरेखा जारी की है।मुख्य संयोजक धर्मेंद्र बिष्ट ने कहा अल्मोड़ा का दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है,बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और लोक परंपराओं का जीवंत उत्सव है।यहाँ दशहरे पर बनने वाले पुतले केवल रावण,मेघनाथ और कुंभकर्ण के प्रतीक नहीं हैं,बल्कि समाज में व्याप्त बुराइयों और समसामयिक मुद्दों पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी करते हैं।यही कारण है कि अल्मोड़ा का दशहरा पूरे देश में विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।कार्यक्रम की रूपरेखा में माँ दुर्गा प्रतिमा यात्रा नगर पालिका परिषद पार्किंग लिंक रोड अल्मोड़ा से दोपहर 11 बजे निकलेगी।उद्घाटन दशहरा महोत्सव नगर पालिका परिषद पार्किंग लिंक रोड अल्मोड़ा में दोपहर 1 बजे होगा।उद्घाटन कार्यक्रम में वरिष्ठ रंगकर्मी चंद्रकांत जोशी संस्थापक सदस्य चीनाखान रामलीला कमेटी मुख्य अतिथि होंगे।जिसमें विधायक,नगर निगम मेयर सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।पुतला दहन एस एस जे परिसर जूलॉजी के मैदान में शाम 7 बजे होगा। सांस्कृतिक एवं आतिशबाजी कार्यक्रम हेमवंती नन्दन बहुगुणा स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से प्रारंभ होगे जिसमें मुख्य अतिथि सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा रहेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता दशहरा समिति के अध्यक्ष अजीत कार्की करेंगे।जिसमें क्षेत्रीय विधायक , मेयर,पूर्व विधायकों सहित अनेक विशिष्ठ अतिथि प्रतिभाग करेंगे।
धर्मेंद्र बिष्ट ने कहा कि दशहरा महोत्सव असत्य पर सत्य,अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है।यह पर्व हमें समाज में अच्छाइयों को अपनाने और बुराइयों को त्यागने की प्रेरणा देता है।हमारी समिति सभी नागरिकों,व्यापारियों और युवाओं से आग्रह करती है कि वे इस महोत्सव को अनुशासन और उत्साह के साथ मनाएँ और अल्मोड़ा की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएँ।अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव सदियों से लोक कला,संस्कृति और सामाजिक एकता का पर्व रहा है और इस बार भी यह भव्य स्वरूप में दिखाई देगा।
