अल्मोड़ा-कुमाऊँ की सांस्कृतिक धरोहर और देवभूमि उत्तराखंड की पहचान बन चुका विश्व प्रसिद्ध अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव इस वर्ष और भी अधिक आकर्षक एवं भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। दशहरा महोत्सव 2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। नगर में जगह-जगह पुतलों का निर्माण तेजी से चल रहा है वहीं आयोजक मंडल ने इस बार महोत्सव को विगत वर्षों से भी अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया है।महोत्सव के सचिव एवं नगर निगम पार्षद एडवोकेट वैभव पांडेय ने अपने बयान में बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को दशहरा महोत्सव का आयोजन पूरे उत्साह और उल्लास के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव अल्मोड़ा की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता का प्रतीक है।पुतलों का उद्घाटन और दहन कार्यक्रम के तहत 2 अक्टूबर की दोपहर 2 बजे नगर के प्रसिद्ध शिखर तिराहे पर इस वर्ष के आकर्षक पुतलों का उद्घाटन किया जाएगा।इसके बाद रावण परिवार के पुतले नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अल्मोड़ा शहर की ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत करेंगे।नगर भ्रमण के बाद ये पुतले जूलॉजी पार्क स्थित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में ले जाए जाएंगे जहां शाम को उनका भव्य दहन कार्यक्रम आयोजित होगा।हर वर्ष की भांति इस बार भी रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के साथ-साथ विभिन्न समसामयिक और सामाजिक बुराइयों पर आधारित पुतले बनाए जा रहे हैं। इन पुतलों की ऊँचाई और कलात्मकता लोगों का विशेष आकर्षण बनेगी।सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाजी के तहत दशहरा महोत्सव केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक समागम का भी प्रतीक है।सचिव वैभव पांडेय ने जानकारी दी कि शाम 7:30 बजे से स्थानीय स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसमें लोक कलाकारों द्वारा कुमाऊँनी संस्कृति,नृत्य,लोकगीत और नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी।इसके बाद रात 9 बजे के आसपास भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा,जो दशहरा महोत्सव का मुख्य आकर्षण होता है।रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा नगर आकाश की रोशनी में नहाएगा और दर्शकों के लिए यह पल अविस्मरणीय होगा।महोत्सव को लेकर नगर में उत्सव का विशेष माहौल है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है, आम जनता और बच्चों में पुतला दहन देखने की उत्सुकता बनी हुई है।नगरवासी भी इस महोत्सव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं,क्योंकि यह अवसर केवल धार्मिक आस्था का नहीं बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का भी है।एडवोकेट वैभव पांडेय ने नगरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित महोत्सव में पहुँचकर इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा का दशहरा केवल स्थानीय पर्व नहीं है बल्कि यह पूरे प्रदेश और देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला महोत्सव बन चुका है।निस्संदेह अल्मोड़ा दशहरा महोत्सव 2025 इस बार नई भव्यता और उत्साह के साथ नगरवासियों व पर्यटकों के लिए यादगार साबित होगा।
