लमगड़ा-सेवा पखवाड़ा के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी डोल आश्रम मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक वन विश्राम गृह चायखान लमगड़ा में आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष दिनेश पाण्डे ने की।बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिला मीडिया संयोजक मनीष कुमार जोशी (मंटू) उपस्थित रहे।आपने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं को प्रधान सेवक कहकर राजनीति की परिभाषा को सेवा से जोड़ा है। सेवा पखवाड़ा हम सबके लिए केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि संगठन की आत्मा है।पार्टी कार्यकर्ता अगर निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा करेंगे तभी संगठन मजबूत होगा और समाज का वास्तविक विकास होगा।जोशी ने आगे कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता अभियान,रक्तदान शिविर,वृक्षारोपण,गरीब और वंचित परिवारों तक पहुँच, सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार,स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यकर्ताओं के लिए प्राथमिक कर्तव्य हैं।आपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन की शक्ति जनता से आती है और जनता तक पहुँचने का सबसे बड़ा साधन सेवा है।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा ने मंडल के सभी पदाधिकारियों से कहा कि सेवा पखवाड़ा हमारे लिए जनता के बीच पहुँचने का सुनहरा अवसर है।हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक बूथ पर स्वच्छता, पौधारोपण,आयुष्मान कार्ड वितरण,वृद्धजन एवं रोगियों की सेवा,डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यक्रम हों।कार्यकर्ता यदि पूरे मनोयोग से सेवा पखवाड़ा को जन जन तक ले जाएँगे तो पार्टी और अधिक मजबूत होगी और समाज में भाजपा का संदेश गहराई तक पहुँचेगा।ब्लॉक प्रमुख त्रिलोक रावत ने संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और दिशा निर्देश के अनुरूप ही क्षेत्र का विकास किया जाएगा।उन्होंने सेवा पखवाड़ा को सफल बनाने के लिए सभी से सक्रिय योगदान का आह्वान किया।बैठक में महामंत्री शंकर बोरा,हरीश सिंह,दीवान सिंह फर्त्याल,भुवन पांडे,जगदीश बिष्ट,विनोद बोहरा,धन सिंह रावत,गोविंद खोलिया,सोशल मीडिया प्रभारी हरीश सिंह,मंडल उपाध्यक्ष कुंदन बिष्ट,शक्ति केंद्र संयोजक महेंद्र सिंह,दीवान सिंह फर्त्याल,देवकी बिष्ट,लक्ष्मण सिंह,प्रताप सिंह,दीपा देवी,चतुर सिंह बिष्ट,भुवन पाण्डे,जगदीश बिष्ट,विनोद बोहरा,धन सिंह नयाल,गोविन्द खोलिया,लक्ष्मण सिंह मुस्यूनी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।सभा का संचालन महामंत्री गोविन्द खोलिया ने किया।

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