अल्मोड़ा-ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की सचिव वसुधा पंत ने बताया कि बल्ढौटी गधेरे के पुनर्जनन के उद्देश्य से ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा गधेरे के रिचार्ज जोन में लगातार चौड़ी पत्ती के वृक्षों का पौधारोपण किया जा रहा है।इस सम्पूर्ण क्षेत्र में चीड़ के पेड़ ही लगे हुए हैं परन्तु वर्षा जल को भूमिगत करने के लिए चौड़ी पत्ती वाले वृक्षों का होना आवश्यक है।इसी बात के दृष्टिगत संस्था द्वारा इस क्षेत्र में विगत तीन वर्षों से पौधारोपण भी किया जा रहा है एवं ट्रेंचेज का भी खुदान किया जा रहा है जो अपने आप में बहुत चुनौती पूर्ण कार्य है| सामान्य तया एक वर्ष बाद वन भूमि में पौधारोपण के पश्चात 50% पौधों का जीवित रहना सफल माना जाता है।उस दृष्टि से अनेक कठिनाइयों के बावजूद और चीड़ के नीचे की एक प्रकार से बंजर भूमि में हमारे द्वारा किया गया पौधारोपण सफल ही कहा जा सकता है क्योंकि छोटे छोटे अलग अलग क्षेतों में कहीं कहीं 80% पौधे भी जीवित हैं और कहीं 30% भी। हालाँकि उनकी ग्रोथ कम हैं और आने तीन वर्ष उनके सर्वाइवल के लिए बहुत चुनौती पूर्ण हैं।ग्रीन हिल्स संस्था द्वारा इस वर्ष दीपक जोशी के नेतृत्व में विगत दो माह से यह कार्य बहुत कुशलता पूर्वक किया जा रहा है।इस वर्ष संस्था ने उसी क्षेत्र में 2500 पौधा रोपण का विचार रखा था परन्तु कई अन्य संस्थाओं के सहयोग से आने वाले 3-4 दिनों में तीन हजार पौधों का रोपण कर लिया जायेगा।पौधारोपण में स्वेच्छा से विवेकानंद बालिका विद्या मंदिर,एडम्स गर्ल्स इंटर कालेज, विक्टर मोहन जोशी जीजीआईसी एनटीडी,जूनियर हाईस्कूल एनटीडी, एवं शिशू मंदिर जीवनधाम के विद्यार्थियों ने अपने अपने शिक्षकों सहित अलग अलग दिन प्रतिभाग किया।शिशु मंदिर से कक्षा 5 के लगभग 100 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और उनके उत्साह और उर्जा को शब्दों में व्यक्त करना असंभव है। रविवार को रेड्क्रोस सोसायटी एवं अल्मोड़ा केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा 100 मेडिसिनल पेड़ों के पौधों का रोपण किया गया।जिसमें डॉ जे सी दुर्गापाल,आशीष वर्मा,राघव पन्त , पूर्व सभासद जगमोहन बिष्ट सहित सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।अल्मोड़ा शहर में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक है कि आसपास के जंगलों में फलदार वृक्षों की भरमार हो।इस वर्ष अन्य चौड़ी पत्ती वाली प्रजातियों सहित चौदह सौ फलदार वृक्षों का भी पौधारोपण किया गया है।इस पौधारोपण में प्रतिभाग करने के लिए हम सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हैं।
