हरिद्वार-अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में चल रही योग गतिविधियों की श्रृंखला में 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के परिसर में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।यह आयोजन आयुर्वेद विभाग हरिद्वार एवं भारतीय योग संस्थान के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कमांडेंट तृप्ति भट्ट (आईपीएस) ने योग सत्र में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं है बल्कि इसे जीवन की दैनिक प्रक्रिया में समाहित करना चाहिए।जब तक योग को दीर्घकालिक अभ्यास के रूप में नहीं अपनाया जाएगा तब तक शरीर,मन और आत्मा की समरसता प्राप्त नहीं की जा सकती।योग आत्मविकास का सर्वोत्तम माध्यम है जो अनुशासन, संयम और संतुलन सिखाता है।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ स्वास्तिक सुरेश ने योग को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल स्वास्थ्य साधना नहीं अपितु यह आत्मिक उन्नयन और सामाजिक सद्भाव की कुंजी है।आज आवश्यकता है कि हम इसे प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सहज रूप से शामिल करें।विशेषकर सुरक्षा बलों के जीवन में जहां मानसिक स्थिरता और शारीरिक दृढ़ता की विशेष भूमिका है। उन्होंने कार्यक्रम के समापन पर सभी का आभार भी व्यक्त किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय योग संस्थान के प्रभारी सुरेश भट्ट एवं प्रभा शर्मा ने की।उन्होंने योग के सामाजिक और आत्मिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल आसनों की श्रृंखला नहीं,बल्कि यह जीवन के प्रति दृष्टिकोण है।यह भीतर के द्वंद्व को शांत करने और सामूहिक चेतना को विकसित करने का माध्यम है।डॉ विकास जैन ने अपने वक्तव्य में कार्यस्थल पर योग के लाभों को रेखांकित करते हुए कहा कि नियमित योग अभ्यास से न केवल तनाव प्रबंधन बेहतर होता है,बल्कि टीम भावना,एकाग्रता और कार्यक्षमता में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है।डॉ विजेंद्र कुशवाहा एवं डॉ विकास जैन ने योग सत्र की संपूर्ण व्यवस्था एवं निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली,जबकि डॉ नवीन दास,डॉ विकास जैन और डॉ विजेंद्र कुशवाहा द्वारा मुख्य अतिथियों का स्वागत किया गया।मंच संचालन डॉ घनेंद्र वशिष्ठ ने प्रभावशाली ढंग से किया।योगाभ्यास का संचालन भारतीय योग संस्थान के प्रशिक्षक सुरेश भट्ट,प्रभा शर्मा तथा आयुर्वेद विभाग की निशा भट्ट एवं शालू चौहान द्वारा किया गया।कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में आरआई आदेश कुमार, भाग सिंह रमोला एवं उनकी टीम, मुख्य फार्मेसी अधिकारी नागेश्वर उनियाल, मोहम्मद रईस,अजहर, विनय कटारिया और विक्रम सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई।
