अल्मोड़ा-देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश नेतृत्व द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही एक अहम मांग आखिरकार पूरी हो गई है। 2 जून 2025 को संघ के प्रतिनिधियों ने देहरादून सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मांगपत्र सौंपा था, जिसमें वनटाइम सेटलमेंट के तहत नियुक्त पर्यावरण मित्रों के निधन के बाद उनके आश्रितों को नौकरी देने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर दिया है, जिसके तहत अब प्रदेश के नगर निकायों में कार्यरत दिवंगत पर्यावरण मित्रों के परिजनों को मृतक आश्रित के रूप में नियुक्ति दी जाएगी। इस फैसले से प्रदेश भर के सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की प्रदेश शाखा, जिला शाखाएं और प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने मुख्यमंत्री धामी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित होगा जो आर्थिक संकट में जी रहे थे। राजपाल पवार ने खेल मंत्री रेखा आर्य, सांसद अजय टम्टा, कैलाश शर्मा और नगर निगम अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा सहित सभी जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस मांग को गंभीरता से लिया और समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि मेयर अजय वर्मा ने भी इस मुद्दे को अपने पहले मांगपत्र में शामिल कर देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। संगठन के शाखा अध्यक्ष दीपक चंदेल, जिलाध्यक्ष दीपक सैलानी, राजेश टाक, सतीश कुमार बंटी, वाशु चंदन, दर्शन सहित समस्त पर्यावरण मित्रों ने भी संयुक्त रूप से आभार प्रकट करते हुए सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। संघ का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई वनटाइम सेटलमेंट नीति ने सफाई कर्मियों के अधिकारों को सीमित कर दिया था, जिसे अब मुख्यमंत्री धामी ने सुधारा है और न्यायसंगत रास्ता प्रदान किया है।
