अल्मोड़ा-राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन,नमामि गंगे उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशभर में योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।इस वर्ष नमामि गंगे कार्यक्रम ने एक नई पहल करते हुए योग शिविरों के साथ-साथ आसपास स्थित मंदिरों और मठों में वेद,पुराणों और नदी सभ्यता पर विशेष चर्चा की जा रही है।इन संवादों में वेदों,पुराणों में वर्णित नदियों के महत्व,गंगा नदी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमिका पर चर्चा की जा रही है।इसी क्रम में आज शीतला देवी मंदिर परिसर ख़गमरा पुलिस लाइन अल्मोड़ा नमामि गंगे वेद पुराण कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम प्रारंभ दीप प्रजव्लन के साथ मंदिर परिसर के पुजारी पंडित वेद,पुराण, विशेषज्ञ रमेश गुरूरानी,योग विभागाध्यक्ष डॉ नवीन चन्द्र भट्ट ने संयुक्त रूप से मिल कर किया।तत्पश्चात पंडित पुजारी विशेषज्ञ रमेश गुरानी जी को अंग वस्त्र भेंट की। अपनी संबोधन में पंडित रमेश गुरूरानी ने बताया कि वेद हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं।ऋग्वेद,यजुर्वेद,सामवेद,अथर्ववेद के बारे में बताया ओर हम किस प्रकार अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं इस पर चर्चा की।योग विभागाध्यक्ष डॉ नवीन भट्ट ने कहा कि ऋग्वेद में हमारी राष्ट्रीय नदियों का वर्णन मिलता है जिसमें गंगा,यमुना,सरस्वती व सिंधु नदी की चर्चा की गई है।योग शिक्षक रजनीश जोशी ने बताया कि अथर्ववेद में औषधीयो की चर्चा जो सभी योग पर अपना अच्छा प्रभाव दिखाती है।योग शिक्षक डॉक्टर गिरीश अधिकारी ने बताया सामवेद संगीत का वेद है इस वेद में बताया गया है कि जैसा हम संगीत गाते है या सुनते है वैसी हमारी शारीरिक मानसिक स्थिति हो जाती है।योग में शोधरत स्कॉलर रोबिन हिमानी ने वेदों में बताई गई आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को वर्तमान जीवनशैली में अत्यंत आवश्यक बताया।कार्यक्रम का आयोजन योग विज्ञान विभाग सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के विभागाध्यक्ष डॉ नवीन भट्ट की संरक्षण में चल रहा है जिसमें डॉक्टर भट्ट का लक्ष्य है कि 21 जून तक उत्तराखंड के अनेक मठ मंदिरों में वेद पुराण व योग पर चर्चा हो व आम जनमानस को इसका लाभ मिल सके।कार्यक्रम का संचालन डॉ गिरीश अधिकारी ने किया।साथ ही अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन कर दिया गया।कार्यक्रम में खगमरा पुलिस लाइन की जनता भी उपस्थित रहीं।जिन्होंने इस कार्यक्रम में बढ़ चढकर हिस्सा लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।नमामि गंगे का यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सनातन मूल्यों,योग,पर्यावरण और भारतीय संस्कृति का संगम है जो आज के दौर में भारत को अपनी पहचान की ओर फिर से अग्रसर कर रहा है।कार्यक्रम में आम जनमानस ललिता तोमकियाल,खुशी बिष्ट,गीतांशी तिवारी,पंकज राठौर, अभय,आशीष,माया,कविता तोमक्याल,दीपा,रश्मि,ममता चुलकोटिया,मंजु खाती,रेखा,तनुजा जोशी,कमला बचकोटी,तारा आर्या,नीलम आदि उपस्थित रहे।



