अल्मोड़ा-पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिलेभर में कर्मचारियों और शिक्षकों ने विरोध जताते हुए बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्मिकों ने यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) को एनपीएस से भी अधिक नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इससे ग्रेच्युटी और पारिवारिक पेंशन का अधिकार भी छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और शिक्षक अपनी सेवानिवृत्ति तक शासन-प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यों को निभाते हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन का लाभ न मिलना अन्यायपूर्ण है। इससे वे आर्थिक और सामाजिक रूप से असुरक्षित महसूस करेंगे, जो समग्र सामाजिक व्यवस्था के लिए भी उचित नहीं होगा। कर्मचारियों ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल करने के बजाय यूपीएस की अधिसूचना जारी कर उनके हितों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनपीएस और यूपीएस उन्हें किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं और जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस ज्ञापन पर एनएमओपीएस के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष राजू महरा, मण्डलीय अध्यक्ष एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन पुष्कर सिंह भैसोड़ा, एनएमओपीएस जिला अध्यक्ष गणेश भंडारी, जिला मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, धीरेंद्र पाठक, मनोज कुमार जोशी, दीप चंद्र पांडे, जगदीश भंडारी, डीके जोशी, दीपक तिवारी, कैलाश नयाल, खुशहाल महर, हेमा बहुगुणा, हिमांशु तिवारी, देवेश बिष्ट, मोहन सिंह, सुशील तिवारी, राधा लस्पाल, देवेंद्र सिंह चिलवाल और भोला दत्त पंत सहित कई कार्मिकों के हस्ताक्षर हैं। जनपद के सभी ब्लॉकों में भी कर्मचारियों और शिक्षकों ने कार्यालयों और विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया और पुरानी पेंशन बहाली की मांग की।
