अल्मोड़ा-नगर के कर्नाटक खोला रामलीला मैदान में चल रहे होली महोत्सव में रात्रि को कुमाऊंनी खड़ी होली गायन का कार्यक्रम चल रहा है। कार्यक्रम के प्रमुख होलियार बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि होली के रंग पड़ने से छलड़ी के दिन तक मंदिरों (शिवालयों), सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी होली गायन किया जाता है।चीर बंधने के साथ ही होलियारों द्वारा खड़ी होली का आयोजन होलिका दहन के साथ रात्रि की होली का समापन होता है।होली के पहले दिन चीर बांधी जाती है,इसके लिए प्रत्येक घर से नये कपड़े के रंग बिरंगे टुकड़े चीर के रूप में लेकर पदम के वृक्ष की टहनी में बांधे जाते हैं और रात्रि को इनका दहन किया जाता है जिसे होलिका दहन कहा जाता है। उक्त कार्यक्रम में रात्रि में होली गायन भी किया जाता है और होलिका दहन के दिन इस चीर का भी विधिवत दहन किया जाता है। खड़ी होली का गायन इस अवसर पर सामुहिक रूप से किया जाता है। इस वर्ष होली का दहन का समय रात्रि 11:30 के पक्ष था, क्षेत्र के समस्त वरिष्ठ जनों, युवाओं एवं महिलाओं द्वारा उक्त होलिका दहन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर इसे विधिवत रूप से संपन्न किया गया। होलिका दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवेन्द्र कर्नाटक,हंसा दत्त कर्नाटक,लीलाधर काण्डपाल,हेम चन्द्र जोशी, विनोद कर्नाटक,बद्री प्रसाद कर्नाटक,मोहन चंद्र कर्नाटक, रमेश चंद्र जोशी,अनिल जोशी,हेम जोशी, बृजेश पांडे,हेम पाण्डे,प्रयाग दत्त जोशी,जीवन तिवारी, अभिषेक तिवारी, माला तिवारी,रेखा जोशी,दीपा कर्नाटक, आशा मेहता, मीनाक्षी जोशी, कंचन पांडे, गीतांजलि पांडे,तनोज कर्नाटक,विनय तिवारी , भावना भट्ट,डा० विद्या कर्नाटक, भुवन चंद जोशी, सुनीता जोशी सहित अनेकों स्थानीय लोग, महिलाऐं उपस्थित रहती हैं।

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