अल्मोड़ा- राष्ट्रीय सेवा संघ के उपाध्यक्ष हिमांशु साह ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया और कहाँ कि देवभूमि उत्तराखंड राज्य एक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रदेश है। अपनी संस्कृति,संसाधन,त्यौहार,भूमि इत्यादि से यहां के जनमानस की भावनाएं जुड़ी हुई है।प्रदेश की जनता राज्य स्थापना के समय से ही एक सशक्त भू-कानून की मांग रही थी।प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग व जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उत्तराखंड की प्रदेश सरकार ने सशक्त भू-कानून हेतु मंजूरी दे दी है।प्रदेश के मंत्रिमंडल की बैठक में सशक्त भू-कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गई है एवं जल्द ही एक सशक्त भू-कानून उत्तराखंड वासियों को मिलेगा ऐसी आशा है।उत्तरखण्ड का हर एक मूल निवासी उत्तराखंड प्रदेश भर में एक सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग का समर्थन करता रहा है।उत्तराखंड प्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय का उत्तराखंड के हर निवासी ने स्वागत करना चाहिए और हर व्यक्ति को ये पूर्ण विश्वास होना चाहिए कि यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों,सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा।साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का भी आभार व्यक्त किया।
