अल्मोड़ा-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन उत्तराखंड जनपद अल्मोड़ा के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार जोशी व सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि राज्य सरकार को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए गंभीर होना चाहिए।वर्तमान में सरकार द्वारा 250,450, 650,1000 की धनराशि चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु राज्य कार्मिकों के वेतन से हर माह कटौती की जा रही है और अब राज्य सरकार की अधिकारी कह रहे हैं कि प्रीमियम की राशि दोगुना लिया जा सकता है।राज्य सरकार को अपना योगदान देना चाहिए न कि प्रीमियम की राशि को दुगना करना चाहिए।पूर्व में बिना प्रीमियम के चिकित्सा प्रतिपूर्ति मिलती थी और सम्पूर्ण योगदान राज्य सरकार का था। गोल्डन कार्ड से चिकित्सा प्रतिपूर्ति लगातार मिलती रहे
इसलिए सरकार को भी आत्म मंथन करना होगा।उत्तराखंड में चिकित्सा के इस मामले से गंभीरता से विचार करना चाहिए न कि इसे मजाक का विषय बनाना चाहिए।सरकार की विफलता कार्मिकों को भारी पड़ रही है।धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि आकस्मिक स्थिति में चिकित्सा प्रदान किया जाना सरकार का सामाजिक दायित्व है उसे पूरा किया जाना चाहिए। राज्य सरकार को अपना अंशदान सुनिश्चित कर योगदान देना चाहिए और गोल्डन कार्ड में ओपीडी सहित सभी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए और बिना भर्ती हुए भी गोल्डन कार्ड का भी लाभ मिलना चाहिए।जब गोल्डन कार्ड बना हुआ तो फिर एक्स-रे अल्ट्रासाउंड आदि में बिना भर्ती हुए लाभ नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

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