अल्मोड़ा-बारात घर जाखसौडा, कपड़खान और वन चेतना केंद्र एन टी डी अल्मोड़ा में वन रेंज गणनाथ व अल्मोड़ा रेंज,कोसी रेंज,चौबटिया रेंज के अंतर्गत चयनित गावों के फायर फाइटरो को वन प्रभाग अल्मोड़ा और सिविल सोयम अल्मोड़ा द्वारा वनों को आग से बचाने और स्वयं की बचाव व सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं।प्रशिक्षण का संचालन कर ब्लाक समन्वयक अनीता कनवाल ने हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित कार्यक्रम और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी जिसमे वन अग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना के बारे मे जानकारी देते हुए कहा की परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर वनों मे लगने वाली आग के प्रति लोगों को जागरूक करना और ग्राम स्तर पर वना अग्नि की घटनाओं को कम करना हैं जिसमे पिछले साल फायर फाइटरो ने विभिन्न गावो मे ग्राम स्तर पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए सराहनीय कार्य किये गये हैं।जिसमे फायर फाइटरो का बीमा की जानकारी दी।
वन विभाग के हरेंद्र सतवाल ने वनो आग लगने के कारणों को बताते हुए उनके रोकथाम के उपयों के बारे मे बताया और समुदाय और विभाग के आपसी सहयोग से वना अग्नि को रोका जा सकता है।वनो की आग से जलवायु परिवर्तन,मिट्टी की उर्वरता शक्ति ख़त्म हो जाती हैं,वन पंचायत नियमावली के बारे मे जानकारी देते हुए सरपंचो के अधिकारों के बारे मे जानकारी दी।सरपंच दिनेश पिल्खवाल ने वनो को आग से बचाने के लिए महिलाओ की अहम भूमिका के बारे मे बताते हुये कहा की महिलाओं ने घर की कामों की जिम्मेदारी के साथ वनो को बचाने के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी ली है और अहम भूमिका निभा रहे है और सभी को वनो के प्रति सोच बदलने की बहुत ज़्यादा जरूरत है,वन सिर्फ पिकनिक मनाने के लिए हि नही दैनिक जरूरतों के साथ साथ आजीविका और हमारी धरोहर भी हैं इसको बचाना सब की जिम्मेदारी है
हंस फाउंडेशन के सी डी एस रजनीश रावत ने बताया की ग्राम स्तर पर चयनित फायर फाइटरो ने द्वारा पिछले साल लगभग 80 से ज्यादा घटनाओं मे आग फैलने से रोक कर वन सम्पदा को नस्ट होने से रोकने का कार्य किया गया है साथ अन्य लोगो को भी जागरूक करने का कार्य कर रही है
वन आरक्षी आयशा व महेन्द्र ने ग्रामीणों को सुरक्षित फायर लाइन काटने और वन अग्नि शमन उपकारणों की जानकारी दी गयी।कार्यक्रम में फायर फाइटर, वन सरपंच,फायर वाचर ,वन विभाग की साधना ,इंद्रा गोस्वामी,कैलाश भेटारी, राजेन्द्र सिंह भोज आदि उपस्थित रहें।
