अल्मोड़ा-आज अल्मोड़ा के लोगों ने अल्मोड़ा जनपद को कुमाऊं मण्डल में ही रहने देने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।इससे पूर्व लोगों का हुजूम नन्दादेवी परिसर से कलक्ट्रेट तक जूलूस की शक्ल में गया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम को ज्ञापन प्रेषित किया।महामहिम को सम्बोधित ज्ञापन में कहा गया कि कुमाऊँ की कमिश्नरी को अल्मोड़ा से नैनीताल अंग्रेज सरकार में तत्कालीन कुमाऊँ कमिश्नर हैनरी रैमजे ने अक्टूबर 1856 में स्थानांतरित किया था।उस समय से लेकर अब तक कुमाऊँ की कमिश्नरी नैनीताल थी।अल्मोड़ा नगर से नैनीताल का सफर लगभग 2 घंटे में तय होता है।आज अंग्रेज सरकार के फैसले के लगभग 165 साल के बाद वर्तमान सरकार में नए मंडल गैरसैण का निर्माण हो रहा है।जिसके हिसाब से अल्मोड़ा जिला इस मंडल में शामिल हो जाएगा।अल्मोड़ा विधानसभा,जागेश्वर विधानसभा और सोमेश्वर विधानसभा के निवासियों को अपने कार्य के लिए जहाँ कुमाऊँ की कमिश्नरी नैनीताल जाने में लगभग 2 घंटे लगते थे,अब गैरसैंण जाने में 4 घंटे का समय लगेगा और यातायात में खर्च भी अधिक लगेगा।अल्मोड़ा नगर सांस्कृतिक होने के साथ साथ कुमाऊं की राजधानी भी हुआ करता था। आज इस फैसले से अब अल्मोड़ा के नागरिक कुमाऊँ मंडल से हट कर अब गैरसैंण मंडल के निवासी कहलाएंगे।हमारी प्राचीनतम और ऐतिहासिक पहचान जिस पर हमें गर्व था,आज वर्तमान सरकार ने बिना यहाँ के निवासियों की राय जाने उसको बदल दिया।प्रदेश सरकार की ओर से गैरसैंण को कमिश्नरी बनाये जाने की घोषणा जितनी अप्रत्याशित थी उतनी ही चौंकाने वाली भी क्योंकि ऐसी न तो प्रदेश में कोई मांग उठ रही थी न ही इसकी जरूरत थी और न किसी को इसकी उम्मीद थी।नई कमिश्नरी और उसमें शामिल जिलों पर तमाम बुद्धिजीवियों खासकर उत्तराखंड के इतिहास, प्रथा, परंपरा, संस्कृति और भौगोलिक स्थिति के जानकार भी इस निर्णय से हैरान हैं और इससे पूरी तरह असहमत भी।अल्मोड़ा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, प्रशासनिक और आध्यात्मिक रूप से कुमाऊं का हृदयस्थल है। सांस्कृतिक राजधानी तो है ही, चंद राजाओं की राजधानी, कुमाऊंनी होली,रामलीला और दशहरे की विशिष्ट पहचान भी अल्मोड़ा को लेकर है।इसके बगैर कुमाऊं की कल्पना ही नहीं की जा सकती।इसे कुमाऊं मंडल से हटाया जाना बड़ी विसंगति है।ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला,यूथ प्रदेश प्रवक्ता वैभव पान्डेय,कांंग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला,मनोज सनवाल, दीपक साह,दीवान धपोला,राजेन्द्र प्रसाद,शहजाद कश्मीरी, केवल सती,पूरन तिवारी,प्रताप सत्याल, कार्तिक साह,कमल भट्ट, हेम तिवारी,मो० बिलाल,नरेन्द्र कुमार,अभिषेक साह,पंकज कुमार,नवीन नेगी,दिनेश पिलख्वाल, रजनी पन्त,अनीता रावत,सूरज बिष्ट,प्रत्येश पान्डेय सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।