अल्मोड़ा-सोबन सिंह जीना आयुर्विज्ञान संस्थान व राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा में एनेस्थीसिया विभाग द्वारा कैंसर,क्रोनिक इलनेस व टर्मिनल इल्नेस से ग्रषित मरीजों के लिए पैलिएटिव केयर(प्रशामक देखभाल) वार्ड व बाह्य रोगी विभाग का सुचारू रूप से संचालन चल रहा है।जिसके चलते पैलियम इंडिया संस्थान व एनेस्थीसिया विभाग की हेड ऑफ डिपार्टमेंट एंव प्रोफेसर डॉ ऊर्मिला पलडिया के मार्ग दर्शन एवं उपस्थिति में पेन एंड पैलिएटिव केयर हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दिनाक 1 जुलाई से 6 जुलाई तक करायी गयी।जिसके दौरान डॉक्टरों की टीम द्वारा हवाल बाग,बेस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में प्रशिक्षण दिया।वहाँ मौजूद लोगों को यह बताया गया कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के विकास के साथ चिकित्सा का दृष्टिकोण भी समय-समय पर बदलता रहता है।इस बदलाव का एक उच्च उदाहरण पैलिएटिव केयर है जो असहनीय दर्द और संजीवनी चिकित्सा के बीच एक मधुर संतुलन स्थापित करती है।पैलिएटिव केयर का मुख्य उद्देश्य असहनीय रोग से ग्रस्त रोगी के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना होता है और उनके परिवार को सहायता प्रदान करना है।इसी पहल के माध्यम से चिकित्सक,एमबीबीएस के छात्रों को, नर्सिंग स्टाफ,तकनीशियनों और परिवार के सदस्यों को मिलाकर 300 से अधिक लोगों को पैलिएटिव केयर में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग का मौका मिला।इस पहल के अंतर्गत,विभिन्न कार्यशालाओं,सेमिनारों,हैंड्स ऑन ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल सेशन्स का आयोजन किया गया ताकि सभी अनुभवी हों और अल्मोड़ा तथा आसपास पास के अन्य जिलों को पैलिएटिव केयर की सुविधा मिल सके।
