अल्मोड़ा-आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला संयोजक अखिलेश टम्टा ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर आप के नए अभियान की जानकारी दी।इस अभियान के तहत अब उत्तराखंड के स्कूलों की बदहाली और बेहतर शिक्षा के दावों पर निर्णायक फैसला जनता का होगा।जिस तरह से मनीष सिसोदिया ने अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान यहां के स्कूलों के हालत और शिक्षा पर चिंता व्यक्त की तो प्रदेश के मंत्री,विधायक तमाम दावे करते नजर आए।यहां तक कि उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने उत्तराखंड में दिल्ली से बेहतर स्कूलों का दावा कर दिया जिसका फैसला अब पूरी तरह आप ने जनता पर छोड़ दिया है।इसी कड़ी में आप ने पूरे प्रदेश के स्कूलों के हालात पर सेल्फी विथ स्कूल अभियान की शुरुआत की।तीन दिन 8,9 और 10 तारीख तक चलने वाले इस अभियान में आप ने जनता से अपील की है कि आप अपने स्कूलों की बदहाली से सीधे मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री को सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए अवगत कराएं।वीडियो बनाएं,सेल्फी लें और इसको सीधे भेज दीजिए ताकि इनके दावों की पोल खुल सके।तीन दिन के इस अभियान सेल्फी विथ स्कूल में उत्तराखंड की जनता अपने आस पास के स्कूलों के हालत पर सेल्फी या वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया माध्यम से मुख्यमंत्री या शिक्षा मंत्री को भेज सकते हैं।स्कूलों की बदहाली की दशा पर, जनता द्वारा भेजे गए वीडियो को आम आदमी पार्टी अपने प्लेटफॉर्म से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक पहुंचाएगी ताकि इनके बेहतर शिक्षा देने के दावों की पोल खुल सके।उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सरकार के अच्छे शिक्षा देने के दावे कितने खोखले है इसकी पोल भी खुल जाएगी।इसी के साथ आप पार्टी ने जनता से आह्वाहन किया है कि वो भी अपने आस पास के स्कूलों की दशा के साथ अपना फोटो या विडियो व्हाट्सएप कर सकते है।आपको बता दें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उत्तराखंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विधानसभा के एक स्कूल की दशा देखने के बाद उत्तराखंड सरकार के मंत्री,विधायक बौखला कर अनर्गल बयानबाजी पर उतर आए थे।जिसके बाद कल खुद उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री ने उत्तराखंड में बेहतर स्कूली शिक्षा के दावे किए । इसी कड़ी मे अब आप के इस अभियान सेल्फी विथ स्कूल से जमीनी हकीकत उत्तराखंड की जनता खुद उत्तराखंड सरकार के सामने लाएगी।जिसमें जनता से भी आप पदाधिकारियों ने अपील की हे कि आप भी अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और उत्तराखंड की शिक्षा की जागरूकता में अपना योगदान दें।
इस मौके पर पूर्व जिला संयोजक अखिलेश टम्टा ने कहा कि पिछले 20 सालों में उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था लचर हो गई।पहाड़ों पर टीचर नहीं है। हालात ये है कि बच्चों की कमी के चलते कई स्कूल बंद कर दिए गए और कई बंद होने की कगार पर है।अगर हालात ऐसे ही रहे तो कैसे उत्तराखंड में बच्चों के भविष्य को बनाया जा सकता है।आप पूर्व जिला संयोजक अखिलेश टम्टा ने कहा कि तीन दिन के इस अभियान से उत्तराखंड के शिक्षा मॉडल की पोल खुल जाएगी ।शिक्षा समेत सभी मामलों में पिछले 20 सालों से बदहाली के लिए बीजेपी, कांग्रेस की सरकारें जिम्मेदार रही है ।इनके नेता अपने विकास की सोच रखते हैं।यही वजह है कि उत्तराखंड पिछले 20 सालों में विकास की राह नहीं पकड़ पाया।इसके अलावा जनता से अपील की वो अपने आस पास के स्कूलों की फोटो वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म पर डाले ताकि प्रदेश की शिक्षा सिस्टम समेत सरकार के दावे हकीकत से जनता रूबरू हो सके।पत्रकार वार्ता के दौरान युवा नेता सोहित भट्ट,वरिष्ठ साथी देव सिंह टगरिया,दानिश कुरैशी भी मौजूद रहे।
