अल्मोड़ा-आज प्रेस को जारी एक बयान में जागेश्वर विधानसभा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीवान सतवाल ने कहा कि जागेश्वर विधानसभा विकासखंड लमगड़ा ग्राम रालाकोट में एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है।जबकि इस ट्रांसफार्मर को बंद हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो चुका है।वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के महामंत्री दीवान सतवाल ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बाद भी अभी तक यह समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का काम केवल बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का ही रह गया है।उनके प्रतिनिधियों को आम जनता की समस्याओं से कुछ भी लेना देना नहीं है। वर्तमान में एक साल से अधिक का समय हो गया है और इस गांव में मोबाइल टावर के ट्रांसफार्मर से ग्रामीणों की बिजली जलाई जा रही है।सभी उपभोक्ता लो वोल्टेज से परेशान है।श्री सतवाल ने कहा कि यदि अतिशीघ्र ग्रामीणों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो जनहित में वह बिजली विभाग के खिलाफ वृहद आंदोलन करने को बाध्य होंगे।श्री सतवाल ने आगे कहा कि लगभग एक वर्ष से विभागीय अधिकारियों से इस ट्रांसफार्मर को बदलने की लगातार अपील की जा रही है।परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे विद्युत विभाग के अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं और उन्हें जनसमस्याओं से कुछ भी लेना देना नहीं रह गया है।उन्होंने कहा कि खराब हुआ ट्रांसफार्मर 16 केवी का था।इसे ठीक ना कर मोबाइल टावर के ट्रांसफार्मर से बिजली विभाग ने गांव वासियों की विद्युत आपूर्ति सुचारू की।लेकिन मोबाइल के ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति करने पर लगातार अस्थिरता की स्थिति बन रही है जिससे ग्राम वासियों के फ्रिज,टीवी,वॉशिंग मशीन जैसे उपकरण लगातार फुक रहे हैं।उन्होंने कहा कि दर्जनों की संख्या वाले इस गांव में विभाग को अविलंब 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगवाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इतना बड़ा विद्युत विभाग यदि एक वर्ष से अधिक समय से इस गांव के ट्रांसफार्मर को नहीं बदल पा रहा है तो यह स्पष्ट रूप से विभाग एवं विभागीय अधिकारियों की लापरवाही है।उन्होंने कहा कि बिजली विभाग गहरी नींद से जागे और अविलंब जनहित में 22 केवी के ट्रांसफार्मर को यहां लगाएं।उन्होंने कहा कि यदि अब भी विभाग नीद से नहीं जागा तो वह ग्राम वासियों को साथ लेकर बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी विद्युत विभाग और उसके अधिकारियों की होगी।
