अल्मोड़ा-तहसील वापसी की मांग को लेकर सोमवार को नगर व्यापार मंडल का बन्द अभूतपूर्व रहा जिसमें सभी का पूर्ण समर्थन देखने को मिला।सोमवार को शासन प्रशासन और सरकार के जनहित के मुद्दे में उदासीनता को देखते हुए व्यापार मंडल और समस्त सामाजिक संगठनों ने पूरा अल्मोड़ा बाजार,समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान,मॉल,फड़ सभी बंद रखे और एक विशाल जुलूस शासन प्रशासन और सरकार के खिलाफ निकाला।यह आंदोलन शासन प्रशासन और जिलाधिकारी के सुस्त पड़े रवेये के खिलाफ था।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि व्यापार मंडल एवं स्थानीय जनता लगातार तहसील को पुनः नगर में उसकी पुरानी जगह में वापस लाने की मांग को लेकर आन्दोलनरत है।लेकिन प्रदेश सरकार लगातार इस मामले की अनदेखी कर रही है जो कि प्रदेश सरकार की जनता के प्रति उदासीनता को प्रदर्शित करता है।लगातार मांग उठने के बावजूद प्रशासन झूठे आश्वासन और कोरे वादों के अलावा कुछ नहीं कर रहा है।तमाम प्रकार के हस्ताक्षर अभियान,धरना प्रदर्शन,मशाल जुलूस,ज्ञापनों,समर्थन पत्रों के माध्यमों से प्रशासन को लगातार आम जनमानस को तहसील के दूर जाने पर हो रही परेशानियों से अवगत करवाने के बाद भी जनता की मांग की अनदेखी की जा रही है।राज्य सरकार के लिए बड़ी शर्म की बात है कि आज जनता को सरकार के इस तुगलकी फरमान से परेशान होकर धरना -प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।आम जनता,पेंशनर्स,वरिष्ठ नागरिकों को नगर से पांच किलोमीटर दूर तहसील,ट्रेजरी और रजिस्ट्रार कार्यालय जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।जो जनता के प्रति सरकार की उदासीनता का स्पष्ट प्रमाण है।तहसील को नगर के मध्य में ही होना चाहिए क्योंकि जनता के अधिकारियों को जनता के बीच मे होना चाहिए।सरकार ने कलक्ट्रेट सहित तहसील को नगर से पांच किलोमीटर दूर करने से पहले वरिष्ठ नागरिकों/बुजुर्गों तक के बारे में नहीं सोचा।आज आलम यह है कि पेन्शनर्स को अपना जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए पाण्डेखोला से दूर जाना पड़ रहा है जहां आने-जाने के लिए सरकार द्वारा इन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला गया है साथ ही सम्मानित वरिष्ठजनों का पूरा दिन खराब होता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में आमजन को यदि अपना एक शपथ पत्र भी बनवाना है तो उसके लिए भी पाण्डेखोला से दूर तहसील कार्यालय जाना पड़ रहा है ।जिला प्रशासन ने पाण्डेखोला कलक्ट्रेट तक मात्र एक मिनी बस लगाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली लेकिन इससे जनता की समस्याओं का समाधान होने वाला नहीं है।तहसील के पाण्डेखोला से दूर स्थानांतरित होने से जहां आम जनता परेशान हैं वहीं इसका नगर के व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि अभी व्यापारी कोरोना काल में हुए बेहद आर्थिक नुकसान से भी नहीं उबर पाये थे और ऐसे में कलेक्ट्रेट/तहसील को नगर से स्थानांतरित कर देना बेहद असंवेदनशीलता का प्रमाण है।राज्य सरकार से कड़े शब्दों में मांग की है कि तहसील को पुनः उसकी पुरानी जगह मल्ला महल में स्थानांतरित किया जाए।विरोध प्रदर्शन में नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी,उपपा के प्रदेश अध्यक्ष पी सी तिवारी,पूर्व पालिका अध्यक्ष शोभा जोशी,हिंदू सेवा समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व दर्जा मंत्री केवल सती,रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन मनोज सनवाल,एक्स आर्मी संगठन के अध्यक्ष सूबेदार आनद सिंह बोरा,छात्र संघ अध्यक्ष पंकज सिंह कार्की,सचिव गौरव भंडारी,वरिष्ठ नेता अख्तर हुसैन,फड़ एसोसियेशन अध्यक्ष नवीन चंद्र,उतराखंड क्रांति दल के भानु जोशी,देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के राजपाल,पूर्व सभासद किशन लाल,कैमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष आशीष वर्मा, ने आंदोलन के पक्ष में अपने विचार रखे और शासन प्रशासन और सरकार के जनहित में अनदेखी की निंदा की। आंदोलन के समापन में व्यापार मंडल के पूर्व जिलाध्यक्ष,नगर अध्यक्ष सूरज साह के निधन पर सभी आंदोलनकारियों द्वारा दो मिनट का मौन रखकर शोक व्यक्त किया गया।संचालन व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह ने किया।आंदोलन में व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष किशन गुरूरानी,पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश गोयल,टैक्सी यूनियन के सचिव नीरज पवार,सभासद सचिन आर्या, सभासद राजेश अलम्या,सभासद जगमोहन बिष्ट,कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पीताम्बर पांडे और कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र भोज गुड्डू,उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी,ग्राम पंचायत से प्रधान राजेंद्र सिंह,देवेंद्र सिंह बिष्ट,सचिव कैमिस्ट एसोसियेशन गिरीश उप्रेती,पूर्व प्रधान हरीश कनवाल,पूर्व सभासद सरिता आर्य, व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष भैरव गोस्वामी,गिरीश धवन,प्रमोद कुमार भीमा,व्यापार के पूर्व सचिव दीप जोशी,पूर्व उपाध्यक्ष मोहन कनवाल, पूर्व उपसचिव हिमांशु कांडपाल एडवोकेट मोहन देवली,पूर्व व्यापार मंडल उपाध्यक्ष मुमताज कश्मीरी,पूर्व सभासद अशोक पांडे,व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद,प्रतेश पांडे, सचिव मयंक बिष्ट,महिला उपाध्यक्ष अनीता रावत,कोषाध्यक्ष कार्तिक साह,उपसचिव राहुल बिष्ट,अमन नज्ज़ोंन,छात्र संघ उपाध्यक्ष पंकज फर्तियाल,छात्रा उपाध्यक्ष रुचि कुटोला,कोषाध्यक्ष अमित फर्तयाल, उपसचिव करिश्मा तिवारी,सांस्कृतिक संयोजक नितिन रावत,पूर्व सचिव वैभव पांडे,शहजाद कश्मीरी,कुमुद भट्ट,मो बिलाल,पवन साह,आशु गोस्वामी,बलवंत सिंह राणा,दीपक साह,दीपक नायक,नरेंद्र कुमार विक्की,गोपाल चम्याल,मनोज वर्मा , संजय पांडे,मनोज जोशी,मनोज वर्मा कांची,हिंदू जागरण के पूर्व अध्यक्ष अभय साह,विवेक वर्मा,अनिल वर्मा, दीपक वर्मा,भुवन तिवारी,तरुण धवन, मुकेश जोशी,संजय कुमार,व्योम धनिक,दीपू लोहनी,शोबन सिंह,अजीम अंसारी,असलम,दाबिर सिद्दकी, दानिश सिद्दकी,वासिफ सिद्दकी, मंजुल मित्तल,कृष्णा सिंह,करण जोशी,दीवान सिंह,उज्वल और समस्त क्षेत्र से आए सैकड़ों व्यापारी जन उपस्थित थे।
