अल्मोड़ा-कांग्रेस के पूर्व लमगड़ा ब्लाक अध्यक्ष दीवान सिंह सतवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर धारानौला/जैंती गैस सर्विस से विकासखण्ड लमगड़ा के विभिन्न लिंक मोटर मार्गों में वाहनों से गैस आपूर्ति कराने की मांग की है। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि गैस सिलेण्डरों के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी के साथ साथ कई गांव जो कि लिंक मोटर मार्ग में आते हैं उन्हें और अधिक महंगे दामों में सिलेंडर लेना पड़ता है अथवा निजी वाहनों से सिलेण्डरों को लाना पड़ता है।वर्तमान समय में विश्वनाथ से हुना,खिरौली,कलाटी,जसकोट,बजेठी,बैजीटाना,मालता,ढौरा से छाना,ढौरा,टमट्यूड़ा,मल्लीदौरा,निसनी,अनेरियाकोटी,कतियारी,पलना,सिलखोड़ा,भैसोड़ा,उल्सेटी,रतखान,चौमूं,मेरधूरा से सत्यों,रालाकोट,जलना से तुलेड़ी,गाड़ी दोबटिया से कल्टानी,धारिरो,सिरसोड़ा,टकोली बैण्ड से बघाड़,टकोली बैण्ड से टकोली,नौरा,छतोला,लमा,मेलखोल,वडयूड़ा,ठाणामठेना,टकोली बैण्ड से ढैली,रबरसों,तल्लीतोली,भुल्यूड़ा,चौना,भटखोला,पुतरा,टकोली बैण्ड से तोली,लमगड़ा से कपकोट,गैलाकोट,मलाड़ी,बज्वाड़ तक,चायखान से वलिया,बैंगनिया,अनुली,धारखोला,बिशौदकोट,बिरौड़ा,मोतियापाथर से भांगादेवली,रैचना,भण्डोली,मेरगांव,गौण,उन्यूड़ा,गुठौली,पूनागड़ से नाटाडोल,झेटीकोण लिंक मार्गों में गैस की गाड़ी लगवाकर गैस वितरण का कार्य किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े एवं उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी ना पड़े।ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल के अथक प्रयासों से इन लिंक मोटर मार्गों को प्रस्तावित कर दिया गया था एवं मेरधूरा से सत्यों मोटर मार्ग एवं पलना से रतखान मोटर मार्ग में गैस की गाड़ियों से लगातार गैस सिलेण्डर वितरण होने लगा था। परन्तु भाजपा सरकार द्वारा सत्ता में पुनः आने के बाद इन लिंक मोटर मार्गों में गैस वितरण प्रारम्भ करना तो दूर जो मेरधूरा सत्यों/पलना से रतखान को गैस वितरण पूर्व में प्रारम्भ किया गया था उसे बदले की भावना से बन्द कर दिया गया जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।ज्ञापन के माध्यम से दीवान सतवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर उक्त मोटर मार्गों को प्रस्तावित एवं पूर्व में जिन लिंक मोटर मार्गों में गैस वितरण चालू नहीं रहेगा या उन्हें नहीं प्रारम्भ किया जाएगा तो ग्रामीणों द्वारा एक माह के बाद जो गैस वितरण वाहन विकासखण्ड लमगड़ा में आयेगा उसे रोककर अपना रोष व्यक्त किया जाएगा तथा साथ ही मांग पूरी ना होने की दशा में ग्रामीणों द्वारा उग्र जन आन्दोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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