हल्द्धानी-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि सार्वजनिक अवकाश को परिवर्तन करते समय शासन को समय का ध्यान रखना चाहिए।उत्तराखंड में अवकाश के मामलों में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।जन्माष्टमी पर पहले अवकाश 18 अगस्त को घोषित किया गया था।लेकिन 17 को लगभग रात्रि आठ बजे शासन का पत्र वायरल होता है कि अवकाश 18 अगस्त के स्थान पर 19 अगस्त को होगा।ऐसे में जिन विद्यालयों में अवकाश की घोषणा हो गई है उन बच्चों को रात्रि में कौन बताएगा कि स्कूल बंद नहीं हुआ खुल रहा है।उत्तराखंड सरकार को अपने फैसलों में गंभीरता दिखानी होगी और फैसले दिन में ही लेने चाहिए ताकि जानकारी सार्वजनिक हो सकें।अवकाश सार्वजनिक है तो सूचना भी सार्वजनिक तरीके से दिन में ही हो जानी चाहिए थी ताकि सभी अवगत होते।वहीं दूसरी तरफ 19 को एक तरफ सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।दूसरी ओर दूसरा पत्र भी जारी किया गया है जिसमें सद्भावना दिवस मनाने के निर्देश दिए गए हैं। एक तरफ सार्वजनिक अवकाश दूसरी ओर शपथ ग्रहण आदेश।शासन को इस प्रकार से आदेश जारी कर अफरातफरी का माहौल नहीं बनने देना चाहिए।वर्तमान स्थिति विद्यालयों के छात्र/छात्राओं अधिकारियों,शिक्षकों,कार्मिकों किसी के लिए भी उचित नहीं है।जिस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है तो उसी दिन दूसरे कार्यक्रम मनाने के आदेश देना भी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
