अल्मोड़ा-आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा बागेश्वर के अध्यक्ष ललित लटवाल के नेतृत्व में आज जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा से तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया।जिसमें बैंक के समस्त कर्मचारियों सहित गायत्री विद्यापीठ के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।यह तिरंगा यात्रा माल रोड चौघानपाटा,एल आर सी रोड,मल्ली बाजार होते हुए खजांची मोहल्ला, लाला बाजार होते हुए पुनः बैंक परिसर में पहुंची।देश भक्ति के नारो से सराबोर यह यात्रा विशेष आनंद की अनुभूति करा रही थी।यात्रा समापन के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल ने कहा कि आज देश उन अनेक वीर सपूतों को याद कर रहा है जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व हम बलिदान कर दिया।उन्होंने कहा कि 100 सालों से भी अधिक अंग्रेजों से आजादी के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई।जिसमें युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति हंसते-हंसते दी। उन्होंने कहा कि इस साल भारत की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ होने से अगस्त के महीने का महत्व ज्यादा हो गया है।इस महीने में 9 अगस्त की तारीख का विशेष महत्व है।8 अगस्त 1942 भारत छोड़ो आंदोलन चलाने का फैसला किया गया और इसकी जमीनी स्तर पर शुरुआत इसके अगले दिन 9 अगस्त को हुई थी।जिसे अगस्त क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है।इस दिन साल 1925 में मशहूर काकोरी घटना को अंजाम दिया गया था।ऐलान के बाद का अगले दिन
साल 1942 में अगस्त के महीने में 8 तारीख को मुंबई अधिवेशन में महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करने का संकल्प पारित किया था।इसके अगले दिन 9 अगस्त को देश भर के लोग इससे जुड़ गए थे और इस आंदोलन ने तुरंत ही जोर पकड़ लिया था।इसी दिन महात्मा गांधी ने मशहूर करो या मरो का नारा दिया था।इसी दिन महात्मा गांधी को गिरफ्तार भी कर लिया था।उन्होंने कहा कि 9 अगस्त की अहमियत पर बोलते हुए आंदोलन की 50 वी वर्षगांठ पर राम मनोहर लोहिया ने 9 अगस्त के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा था कि 9 अगस्त का दिन हम भारतवासियों के लिए महान घटना है और हमेशा बनी रहेगी।9 अगस्त देश की जनता की उस इच्छा की अभिव्यक्ति थी जिसमें उसने यह ठान लिया था कि हमें आजादी चाहिए और हम आजादी को लेकर रहेंगे।9 अगस्त का भारत के इतिहास में एक और महत्व है।इसी दिन भारत के क्रांतिकारी सपूतों ने काकोरी में ट्रेन से जा रहे अंग्रेजों के खजाने को लूटने की घटना को अंजाम दिया था और अंग्रेजों की नीदें उड़ा कर रख दी थी।इस घटना के बाद ही अंग्रेज क्रांतिकारियों के पीछे हाथ धो कर पड़ गए थे।घटना के तीन महीने के भीतर लगभग सभी क्रांतिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया था।उन्होंने कहा कि आज भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर हर घर से रंगा अभियान के तहत हर घर को उन क्रांतिकारियों से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है जो इस आजादी की लड़ाई में अपना पूरा जीवन अर्पित कर गए।उन्होंने कहा कि तिरंगे का महत्व हमारे जीवन में क्या है इस तिरंगे का निर्माण किसने किया इस तिरंगे में तीन रंग क्यों आए इस तिरंगे में अशोक की लाट का क्या महत्व है इन सब को जानने सुनने का अवसर हमें मिल रहा है।हमें केवल 26 जनवरी और 15 अगस्त ही नहीं वरन प्रतिदिन तिरंगे झंडे का सम्मान के साथ रोहन करना चाहिए और झंडे के प्रति आदर सत्कार बनाए रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि आज देश एक ऐसे चिंतक व्यक्ति के हाथों में है जो समाज के हर तबके के व्यक्ति के लिए निरंतर सोच रहा है। उन्होंने कहा हम सबको इस अमृत महोत्सव को जोर शोर से मनाना चाहिए ओर हर घर तक पहुंच कर उसमें तिरंगा लगाने का कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के निदेशक विनीत बिष्ट,ग्राम प्रधान अर्जुन बिष्ट,जिला सहायक निबंधक दिलीप सिंह बिष्ट,उप महाप्रबंधक डी0 एस0 नपलच्याल, प्रेम लटवाल,शेखर बिष्ट,भूपेंद्र बिष्ट, श्वेता उपाध्याय,लता तिवारी,रेनू सिंह, राजीव कुमार,पंकज जोशी,आशा सिजवाली,महेंद्र सिंह कनवाल,स्नेहा बिष्ट,संजय गुप्ता,दीपिका बिष्ट,नवीन बृजवाल,पूजा रावत,पीयूष गुणवंत, महेंद्र बिष्ट,उषा निखुरपा,विक्रम सिंह बिष्ट,कार्तिक गैड़ा,हिमांशु बनौला, धीरेंद्र बिष्ट,धीरज शाह,आदित्य जोशी, सोनू कनवाल,इंदु लटवाल,मोहित बिष्ट,अर्जुन चौहान समेत अन्य कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

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